अंधविश्वास में हैवानियत : बेंत से कूच-कूच कर मासूम की ले ली जान।
Sandeep Jain - 1/27/2026 10:04:38 AM -
झारखंड के खूंटी जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है। विज्ञान और तकनीक के युग में भी अंधविश्वास किस कदर जानलेवा बन सकता है, इसकी बानगी मारंगहदा थाना क्षेत्र में देखने को मिली, जहां एक सात साल के बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
बेटे की बीमारी से मौत, शक की सुई पड़ोसी पर
पुलिस के अनुसार, लांदुप पंचायत के बीमडीह गांव निवासी 55 वर्षीय रघु मुंडा के बेटे की कुछ दिन पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इस मौत को रघु मुंडा पचा नहीं सका। उसने गांव के ही लक्ष्मण मुंडा पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया और मान लिया कि उसके बेटे की मौत उसी की वजह से हुई है।
बदले की आग में मासूम बना शिकार
इसी अंधविश्वास और बदले की भावना में रघु मुंडा ने 25 वर्षीय जगरनाथ मुंडा उर्फ जगरा मुंडा के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची। दोनों ने लक्ष्मण मुंडा के सात साल के बेटे को चॉकलेट देने के बहाने बुलाया और उसे सुनसान जगह ले गए।
कुदाल की बेंत से कूच-कूच कर उतारा मौत के घाट
इल्जाम है कि दोनों ने कुदाल की बेंत से बच्चे पर ताबड़तोड़ वार किए। बच्चे को बैंच से कूच-कूच कर मारा गया। मासूम को तब तक पीटा गया जब तक उसकी मौके पर ही मौत नहीं हो गई। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। कुछ ही देर में गांव में सनसनी फैल गई।
शव मिलने के बाद मचा हड़कंप
बच्चे का शव मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। मृतक के पिता लक्ष्मण मुंडा के बयान पर मारंगहदा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर किया खुलासा
थाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
हत्या में प्रयुक्त कुदाल बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कुदाल बरामद की है। घटनास्थल से खून लगी मिट्टी, पत्ते और मृतक का एक जोड़ा चप्पल भी जब्त किया गया है।
कड़ी धाराओं में मामला दर्ज
थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस 2023 की धारा 103(1), 238(A) और डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।






